Poem On Moon- चांद पर कविता

Poem On Moon- चांद पर कविता

Poem On Moon- चांद पर कविता सुनो ना प्यारे चाँद, अमर साक्षी बन जाओ ना, मेरे समर्पित प्रेम के, तुम्हे देख ही तो मन मे शीतलता पाते है प्रेमी, तुम चाँद हो न चौथ के, तुम पाखी बन प्रिय को निहार आना, मैं दीप सी जल रही हूँ, तुम्हारे पथ का उजियारा बन, अब तो

एक ख़त मुझे भी आया था

Ek Khhat Mujhe Bhi Aaya Tha.

सुनो, आज ज़रा नज़र उतार लेना।आँखों का काजल, थोड़ा सा कानों के पीछे भी सजा लेना।मुझसे गिले शिकवे जो है तुम्हारे, कम अधरों से कहकर, ज़्यादा आँखों से जता देना।आज, ज़रा नज़र उतार लेना। वो जो पायल के कम घुँघरू शिकायत है तुम्हारी, वो घुँघरू सम्भाल रखे है मैंने एक चंदन की डब्बी में। जब

Poem on Mother in Hindi | माँ पर कविताएं | Hindi Poems on Mothers

Poem on Mother in Hindi | माँ पर कविताएं | Hindi Poems on Mothers

Poem on Mother in Hindi | माँ पर कविताएं | Hindi Poems on Mothers मां शब्द अपने आप में ही एक एहसाह हैं, और मां के बारे में जितना भी लिखा जाए वो कम ही पड़ेगा, क्यूंकि मां अपने आप में अनंत हैं। एक माँ एक ऐसी शख्सियत है जो दुनिया में जीवन लाती है

पर्वतमाला योजना 2023 यूपी फ्री साइकिल योजना 2023, ऑनलाइन आवेदन e-Shram Card : पैसे आना हो गये हैं शुरू, क्या आपके खाते में आ गए उत्तर प्रदेश प्राइवेट ट्यूबवेल कनेक्शन योजना Best Indoor Plants That Grow In Water