अतीत भी हम हैं, और भविष्य भी हम, तो वर्तमान में उनसे बैर क्यों

अतीत भी हम हैं, और भविष्य भी हम, तो वर्तमान में उनसे बैर क्यों

एक जीवन में हमारे व्यक्तित्व की न जाने कितनी परतें बन जाती हैं, जो हमें खुद भी मालूम नहीं होती। बचपन बीता नादानी में, फिर जवानी में हमारे किरदार की असल परतें शुरू होती है, जो कि जीवन के हर मोड़ पर हमारे लिए फैसलों पर सवाल खड़े कर देती है। अक्सर अपना जिया हुआ … Read more