दीवाली पर हिंदी कविता | Diwali Kavita in Hindi

दीवाली पर हिंदी कविता ( Diwali Kavita or Poem 2022 in Hindi)

दिवाली एक खूबसूरत त्योहार है, इसे “प्रकाशोत्सव” के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह वर्ष के सबसे लंबे दिन की शुरुआत का प्रतीक है।

यह पर्व सभी त्यौहारों का राजा माना जाता हैं, अमावस की रात को दीपों से सजाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व माना जाता हैं, हर तरह खुशियों का महौल होता हैं अपनों से मिलने का सुखद अनुभव भी साथ में होता हैं, प्रत्येक वर्ष लोग इस त्यौहार का चाव से इन्तजार करते हैं और कई सपनों के साथ इसे मनाते हैं।

हालाँकि दिवाली मुख्य रूप से भारत में मनाई जाती है, लेकिन दुनिया भर में ऐसे कई लोग हैं जो हिंदू धर्म से जुड़े हुए हैं और इस त्योहार को मनाने का आनंद लेते हैं। तो आप हिंदू हैं या नहीं, यह निश्चित रूप से जश्न मनाने लायक छुट्टी है!

दिवाली हिंदुओं के एक साथ आने और अपनी संस्कृति और विरासत का जश्न मनाने का समय है। यह त्यौहार आम तौर पर नौ दिनों तक चलता है और उस दौरान लोग अपने घरों को रोशनी और हरियाली से सजाते हैं। वे धार्मिक समारोहों में भी हिस्सा लेते हैं और तरह तरह के पकवान का आनंद लेते हैं।

Happy Diwali

दीवाली पर हिंदी कविता | Diwali Kavita in Hindi

आओ चलें दीप जलाएं

आओ चलें
अंधियारे को दूर करें…

मिटाना है
एक खामोश अंधकार
जो फैला है विस्तृत
मन के पटल पर..
और ढूँढ लाना है
स्वयं को
उर्जा से भरे
प्रकाश पुंज की ओर…
एक स्वर्णिम दीप जलाकर
आओ चलें
अँधियारे को दूर करें…

क्या हुआ
जो खो गयी तुम
अपनों में स्वयं को खोजते खोजते
राहे दूर हो गयीं
सपनों से लड़ते लड़ते
कुछ थकान
ओढ़ लिए हैं तुमने..
और कुछ
चुन लिए हैं तुमने..
क्या हुआ!
रात के अँधेरों से
जीवन चलता कहाँ…
भोर की लाली से
जीवन थमता कहाँ…


चुन लो
वही राहें, वही सपनें
जो जीवन को
फिर तुम्हारे करीब लाए
मुकाबला करो
अँधेरों से नहीं
उस उर्जा से
जो तुम्हारे भीतर है
और तुमने उसे पनपने नही दिया….!!

आओ चलें दीप जलाएं
मन की उर्जा से..जीवन में..
रोशनी वहीं है पास तुम्हारे
जीवन के अंधेरों में साथ तुम्हारे
हर पल रही उम्मीद बनकर
तुम्हारे हौसलों में अँधेरों से लड़कर
सदा के लिए तुम्हारी रूह बनकर…!!

आओ चलें दीप जलाएं
फिर वही उम्मीद जगाएं…

एक दीया जलाना है
अपनी उम्मीद का
अपने हौसलों का
अपने लिए
अपनो के लिए..!

दीप इधर भी जल गया , दीप उधर भी जल गया,

सुनो इस बार दीवाली पर नफरत को जला देना ,
तुम्हारे मन की तुम सुनना, बुरी बातों में मत आना।

किसी का दिल दुखाना न ,किसी से बैर मत रखना,
दिया रौशन करे है घर,रोशनी बन के दिखलाना।

जैसे ये दीप बाती हैं वैसे ही साथ में रहना ,
बुराई मन में मत रखना ,जो मन में हो वो कह देना।

जुओं में हार आते हो तुम अपना पैसा कमाई का,
उन्ही पैसे से निर्धन के घर में दीपक जला देना।

संभाल कर जो रखती तुम्हारे घर का हर कोना,
तुम्हारे घर की लक्ष्मी को जरा संभाल के रखना।

दीप इधर भी जल गया , दीप उधर भी जल गया,
इधर ज्योति जली घर में , सरहद पर दीप जल गया।

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

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